तेरे बिना दिल में कोई आरज़ू नहीं रहती।
एक तेरा साथ ही काफ़ी है ज़िंदगी के लिए,
फिर किसी हसरत की जरूरत नहीं रहती।
मिल जाने पर और कोई ख़्वाहिश नहीं रहती,
दिल को फिर किसी चीज़ की फरमाइश नहीं रहती।
तेरी बाहों में जो सुकून मिल जाए एक बार,
तो ज़िंदगी से फिर कोई गुज़ारिश नहीं रहती।
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