जान का पता नहीं, मगर धड़कन हो तुम।
तुमसे जुड़ी है हर खुशी, हर एहसास,
सांसों की सरगम में बसी एक मधुर रागिनी हो तुम।
प्यार का पता नहीं, मगर ज़िंदगी हो तुम,
जान का पता नहीं, पर दिल की धड़कन हो तुम।
सांसों में घुली हुई एक महक जैसी,
ख़्वाबों में उतर आई वो चाहत हो तुम।
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