हर दर्द, हर ग़म तेरे नाम कर दिए।
सोचा था मोहब्बत में वफ़ा मिलेगी,
पर तेरा इश्क़ भी हमने मजबूरियों में बँटते देखे।
हमने तो तेरी आँखों के फैसले मंज़ूर किए,
हर दर्द, हर ग़म तेरे नाम पर कबूल किए।
सोचा था मोहब्बत में मिलेगा सुकून,
पर तेरी खामोशियों ने हमें मजबूर किए।
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