चुपके से दिल के दरवाज़े पे दस्तक दे आए हैं।
सोचा था भूल जाएंगे तुझे वक़्त के साथ,
पर ये अरमान फिर तेरी गलियों में सज़दा कर आए हैं।
नज़र बचा के तेरे ख्वाब चले आए हैं,
रात की चादर में चुपचाप समाए हैं।
चाहा था भुला दें तुझे कुछ पल को,
पर ये दिल है कि फिर भी तेरे पास आए हैं।
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