आंखें बंद कर लूं तो दिल को सुकून मिलता है,
तुम्हारी मौजूदगी का एहसास गहराई से मिलता है।
शब्दों से परे है ये प्रेम का रुतबा,
तुमसे मिलने का और कोई रास्ता न मिलता है।
तुम्हारी मूरत से मन को जोड़ा है मैंने,
हर सांस में तुम्हें ही पुकारा है मैंने।
दूरी भले ही हो, पर ये दूरी कैसी,
प्रेम में तो हर पल तुम्हें पास पाया है मैंने।
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