हर नाराज़ी में भी बस उसी का दीदार रहे।
जिसके बिना दिल एक पल भी नहीं मानता,
बस वही सच्चा प्यार, वही संसार रहे।
जिससे झगड़ा होने के बाद भी उसके मनाने का इंतज़ार रहे,
हर नाराज़ी में भी बस उसी का प्यार रहे।
जिसके बिना एक पल भी गुज़ारा ना हो सके,
बस वही मोहब्बत का सबसे ख़ूबसूरत इज़हार रहे।
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