**1.**
वो लम्हे जब तेरी आँखों में खो जाते थे हम,
जैसे दुनिया सारी रुक जाती थी, जब तू पास होता था।
वो बातें, जो हम एक-दूसरे से चुपके से करते थे,
अब यादों में ही सुकून मिलता है, जब दिल अकेला होता है।
**2.**
वो लम्हे, जब तेरी मुस्कान में खो जाते थे हम,
हमें कभी एहसास नहीं था, समय गुजर रहा है, वो पल रुक जाते थे।
तेरे बिना, अब वही लम्हे बस यादों में बसा गए हैं,
जो कभी हमारे दिल से दिल तक पहुंचते थे।
**3.**
वो बातें अब कभी नहीं होंगी, जो हम रातों में बिन कहे करते थे,
अब सन्नाटे में सिर्फ तेरी यादें दिल को हलचल देती हैं।
वो लम्हे जब हाथों में हाथ था, और दिल में प्यार था,
अब वो ही शायरी बनकर, बस दिल की गहराई में रह जाती हैं।
**4.**
वो लम्हे अब भी याद आते हैं, जब तेरी बातों में खो जाते थे हम,
जैसे हर शब्द में एक नई दुनिया बस जाती थी।
अब वही बातें यादों की किताब में बसी रहती हैं,
जो कभी दिल से दिल तक पहुँच जाती थी।
**5.**
वो लम्हे, वो बातें, अब खामोशी में ढल जाती हैं,
तेरी मुस्कान और तेरे प्यार की यादें अब दिल में पल जाती हैं।
हर याद, जो कभी हम दोनों में थी, अब एक शायरी बन गई,
जो दिल से दिल तक पहुँचने के बजाय, सिर्फ आंखों तक पहुंचती है।
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