हर जन्म में तू मिले, मेरी बस यही ख्वाहिश।
तेरी बाहों में मिले मुझे हर सहर,
तेरे साथ बीते हर शाम-ओ-शब की बारिश।
ना चाँद की चाहत, ना तारों की फ़रमाइश,
हर जन्म में तू मिले, मेरी बस यही ख्वाहिश।
तेरे बिना अधूरी लगे ये ज़िंदगी मेरी,
सांसों से जुड़ी है जो तेरी आहट की गुजारिश।
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