**1.**
कभी कभी खुद से ज्यादा किसी और का दर्द महसूस होता है,
दिल में एक हूक सी उठती है, जब किसी और की तन्हाई का एहसास होता है।
आँखों से ग़म झलकते नहीं, फिर भी दिल में दर्द भर जाता है,
कभी कभी, वो जो दिल में छुपा होता है, उसे बाहर आकर रोने का मन करता है।
**2.**
तेरी यादें अब खामोशी से मुझे रुला देती हैं,
दिल में वो पुरानी बातें, अब सिसकियाँ बन जाती हैं।
कभी सोचा नहीं था, ये दर्द इतना गहरा होगा,
तेरे बिना जीना, अब तो मेरे लिए तक़दीर का क़हानी सा होगा।
**3.**
आँखों में आंसू हैं, दिल में दर्द का मौसम है,
तेरे बिना हर खुशी अब बेरंग और फीका सा लगता है।
तुझसे बिछड़कर जो खालीपन आया, वो कभी भर नहीं सकता,
हर पल मैं ये सोचता हूँ, क्या वो प्यार कभी वापस लौटेगा?
**4.**
तेरी हँसी की गूंज अब सिर्फ यादों में रह गई है,
दिल में जो प्यार था, वो अब आंसुओं में बह गई है।
मेरे दर्द का कोई साथी नहीं है, तू ही था,
अब जब तू नहीं, तो दिल अकेला सा लगने लगा है।
**5.**
जब भी सोचा था तुझसे कुछ कहूँ,
तुझे पाने का ख्वाब था, दिल में एक आस थी।
अब वो ख्वाब टूट गया, और मैं चुपचाप रोने लगा,
तेरे बिना, ये जिन्दगी अब सिर्फ एक सर्द रात की तरह हो गई।
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