✨ खाटू नरेश शायरी ✨
-
सांवरे की बंसी की धुन सुहानी लगे,
खाटू में बसते हैं श्याम, हमें जिंदगानी लगे। -
खाटू के राजा का नाम ही काफी है,
हर दर्द मिटाने को श्याम ही काफी है। -
जो भी आया खाटू के दर पे, खाली वो जाता नहीं,
श्याम का दरबार है, यहाँ कोई रुलाया नहीं। -
तेरे दर से खाली कोई हाथ जाता नहीं,
जो मांगे श्याम से, वो कभी ठुकराया नहीं। -
रंग दे मुझे अपने रंग में, मेरे प्यारे श्याम,
खाटू की गलियों में कट जाए मेरा हर एक शाम। -
तेरी यादों का दरिया दिल में समा गया,
खाटू के खिंचाव में ये मन रम गया। -
खाटू का दरबार जो एक बार देख ले,
श्याम का दीवाना वो हर बार बन जाए।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें