तेरे नाम की चादर ओढ़ ली,
हर सांस में तेरा बोध लिया।
**खुद को तुमसे जोड़ दिया,
हर दर्द-ग़म को तोड़ दिया।**
**अब राहों की फिक्र नहीं,
सब कुछ तुझ पर छोड़ दिया।**
**तेरे नाम की चादर ओढ़ ली,
हर सांस में तेरा बोध लिया।**
**अब दुनिया की परवाह नहीं,
खुद को तुझसे जोड़ दिया।**
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