आंखें बंद कीं तो तुम्हारी सूरत झलक गई,
दिल की गहराइयों से तेरी मूरत चमक गई।
तुमसे मिलने का और कोई जरिया नहीं,
बस भावना में खोई हर दुआ असर कर गई।
तेरी मौजूदगी हर सांस में महक रही है,
मेरे मन की आराधना तुझसे जुड़ रही है।
शब्दों से परे है तेरा एहसास,
बस ध्यान में बसकर देखती हूं तेरा प्रकाश।
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